pet dard ka gharelu upay – home remedy for stomach ache 1

pet dard ka gharelu upay – home remedy for stomach ache

आजकल पेट में दर्द होना समस्या बन गया है   क्योंकि लोगों की जीवन शैली इतनी ख़राब  हो गई है कि इसका सीधा असर उसका  पाचन तंत्र पर पड़ता है। काफी  देर तक बैठ कर काम करना तथा समय के अभाव के कारण बाहरी  जंक फूड ज्यादा खाना, पर्याप्त मात्रा में नींद नही  होना  समस्याओं के कारण सामान्य तौर पर बदहजमी या पेट संबंधी समस्याएं होती है जिसके कारण पेट में दर्द (Pet Dard or stomach torment) होने लगता है।

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Stomach Agony

 

आम तौर पर लोग पेट दर्द (Pet Dard) के लिए सबसे पहले घरेलू नुस्खे ही अपनाते हैं। क्योंकि पेट दर्द के लिए घरेलू नुस्ख़े ही घर में सबसे पहले मिल जाते हैं जिससे दर्द से जल्दी राहत मिलती है। तो चलिये अब जानते हैं कि आयुर्वेद में किस दोष के कारण पेट में दर्द होता है और इसका क्या आयुर्वेदिक उपचार (Pet dard ka Ilaj) है।

  1. पेट दर्द क्या होता है (What is Stomach torment) :वातदोष के नियमित असंतुलित होने के कारण पेट में सुई  चुभोने की तरह दर्द होता है जिसको पेट दर्द (Pet dard) कहते है।
  2. पेट दर्द होने के कारण (Reasons for Stomach torment) : पेट दर्द (Pet Dard)  के पीछे बहुत तरह के कारण होते है,जैसे-खान-पान और अपना  जीवनशैली लेकिन इसके पीछे  कुछ विशेष बीमारियों के कारण में भी पेट में दर्द होता है। जैसे-

सामान्य कारण

  • ज्यादा भोजन करने से
  • ज्यादा पानी पीने से
  • तेल, मिर्च और ज्यादा  मसाला वाला खाना अधिक समय तक खाने से गंदा (Unclean) पानी पीने से
  • और ज्यादा बाहर का खाना जैसे पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, समौसा आदि खाने से
  • खाली पेट अधिक समय तक काम करने के वजह से रात का बचा खाना खाने से

महिलाओं में मासिक स्राव के समय(stomach torment in periods home cures in hindi)

  • संक्रमिक (Tainted) भोजन खाने से
  • अंकुरित दालों को ज्यादा खाने से
  • सूखा माँस (Dry meat) खाने से
  • खाना खाने के बाद तेज दौड़ने से

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(ब) अन्य कारण

  • इरिटेबल बॉवल सिन्ड्रोम (आई.बी.एस.)
  • गैस समस्या (गैस्ट्रिक प्रॉबल्म)
  • गॉल स्टोन (Gallstone)
  • किडनी स्टोन (Kidney stone/Renal Calculai)
  • हर्निया  (Hernia)
  • एसीडिटी (Corrosiveness)
  • इन्टेसटाइनल ओब्स्ट्रकसन (Intenetinal hindrance)
  • आत्रपुच्छ शोथ (An infected appendix)
  • यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन Urinary lot Contamination (UTI))
आयुर्वेद के अनुसार किस  कारण पेट में दर्द होता है-

इन सभी कारणों की वजह से शरीर में उपस्थित वात दोष ख़राब  होकर पाचन क्रिया को कमजोर कर देती  है और पेट में सुई  चुभोने जैसा दर्द होने लगता है। पेट दर्द मुख्यतः वात दोष के खराब होने की वजह से होता है और वात दोष शरीर में उपस्थित दो दोष (पित्त और कफ) को दूषित कर देता है। जिसके कारण पेट में जलन (Annoyed Stomach), किडनी में दर्द , अधिक प्यास लगना, जी मिचलाना, पेट में रुक-रुक कर दर्द (Pet Dard) होना, यह सब पित्त व कफ दोष के असंतुलित होने की कारण से होता है।

पेट दर्द होने के लक्षण (Side effects of Stomach torment or Resentful Stomach)

पेट दर्द के सामान्य लक्षण निम्न हैं :

  • जलन (consuming Sensation)
  • रुक-रुक कर पेट में दर्द होना पेट में गुड़गुड़ाहट (swelling)
  • ज्यादा खट्टी डकार (Acidic burping) आना
  • बुखार (Fever)
  • ज्यादा गैस बनना (Overabundance wind)
  • उल्टी (Vomitting) जी मिचलाना
  • पेट में सुई चुभोने जैसा दर्द होना
  • पेट फूलना या भारी महसूस होना
  • पेशाब करते समय कभी-कभी पेट में दर्द होने लगता है Torment in Polycystic ovarian condition
पेट दर्द से राहत पाने के उपाय (Step by step instructions to forestall Stomach torment)

पेट दर्द (Pet Dard) से आराम पाने के लिए सबसे पहले खान पान  और जीवनशैली में बदलाव  लाना जरूरी  है। चलिये इनके बारे में जानते हैं।

पेट दर्द होने पर आहार कैसा होना चाहिए (Best Food to ease Agitated Stomach in Hindi)
  • पेट दर्द होने पर हल्का भोजन जैसे मूंग की दाल, दलिया, छाछ, पपीता और  अनार का जूस भोजन में शामिल करना चाहिए।
  • चाय, कॉफी, दूध  नहीं लेना चाहिए।
  • छाछ  में भूनी हुई अजवायन का पाउडर 1/2 चम्मच मिलाकर दें।
  • खाने में खट्टी चीजे जैसे अचार, नींबू नहीं लेना चाहिए।
  • अगर पेट दर्द की वजह से उल्टी भी हो रही है तो कुछ देर तक कुछ नहीं खाना चाहिए, और बाद में थोड़ी मात्रा में चावल का पानी, मूंग की दाल का पानी देना चाहिए क्योंकि जिसकी वजह से आसानी से खाना पच भी जाता है। ठोस आहार (Weighty Food) जैसे गेहूं की रोटी, अरहर की दाल, पालक की सब्जी, बेसन से बने हुए समान , खीरा, ककडी, टमाटर आदि नहीं देना चाहिए।
पेट दर्द होने पर जीवनशैली में कैसा बदलाव लाना चाहिए (Way of life changes to ease annoyed stomach in Hindi)
  1. सुबह-सुबह उठते ही गुनगुना 1 या 2 गिलास  पानी पीना चाहिए जिससे हमारा पेट अच्छी तरह से साफ हो सके।
  2. खाने में ज्यादा तैलीय चीज जैसे पिज़्ज़ा बर्गर , समोसा , लिट्टी , फ़ास्ट फ़ूड नही खाना चाहिए और मैदे से बनी चीजें कम खानी चाहिए।
  3. चाय, कॉफी, नहीं पीनी चाहिए।
  4. मल (Movement) को ज्यादा देर तक रोककर नहीं रखना चाहिए।
  5. व्यायाम (Excercise) करने के बाद तुरन्त बहुत ज्यादा पानी नही पीना चाहिए।
  6. रात का खाना में  हल्का सब्जी  जैसे लौकी, तोरई, टिण्डे, परवल खाना चाहिए क्योंकि यह सब्जियां हल्के गुण वाली होती है
  7. और आसानी से खाना  पच जाती है और पेट में गैस नहीं बनती है।रात में ज्यादा तैल मिर्च मसाला वाला खाना नही खाना चाहिए।
  8. रात में ज्यादा देर तक नही जगना चाहिए क्योंकि ज्यादा देर तक जगने से वातदोष ख़राब  हो जाते है और पेट में गैस बनने लगते हैं  जिसके कारण कभी-कभी पेट और सीने में दर्द होने लगता है।
  9. रात में खाना जल्दी या समय  से पहले  लेना चाहिए जिससे खाना अच्छे से पच सके।
पेट दर्द के घरेलू उपाय (Home remedies for Stomach pain)
  • बच्चों  के लिए पेट दर्द में लाभदायक है रसपीपरी :

यह दवा बच्चों की बिमारी के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई है। दवा के  1-2 गोली जायफल के साथ पीसकर  खाली पेट या भरे पेट 3-3 घण्टे के अन्दर में दो  बार देने से बच्चों के पेट दर्द (Pet Dard), उल्टी, गैस, बुखार में बहुत लाभ करती है। इस दवा के सेवन से बच्चों को कोई भी नुकशान नही पहुंचती है। यह दवा छोटे बच्चों के लिए रामबाण का काम करती है। यह दवा चिकित्सक परामर्श से बात करके दे सकते है।

hingहींग बच्चों के पेट दर्द में रामबाण  फायदा  (Asafoetida : Home remedies for Stomach pain)

आधा छोटा चम्मच हींग को पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बना लो तथा  इसी पेस्ट को शिशु की नाभी के किनारे-किनारे लगा दो  ऐसा करने से शिशु के पेट दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है। और पेट दर्द स्जल्दी खतम हो जाता है।

Baby Stomach pain

जयफल और नींबू पेट दर्द से दिलाये आराम (Nutmeg and lemon : Home remedy for stomach pain in Hindi) जयफल को नींबू के रस में मिलाकर शिशु को चटाने से पेट दर्द और गैस की समस्या जल्द ही ठीक हो जाती है।

काला नमक से  पेट दर्द ठीक  (Black salt helps to feel comfort in Stomach pain):- काला नमक, सोंठ, हिंग, यवक्षार, अजवायन इन सभी को बराबर मात्रा  में मिलाकर चूर्ण (Powder) बना ले  ले फिर 1 -2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम नाश्ते और रात के खाने के बाद गुनगुने पानी से इसका सेवन करने से पेट की सारी समस्या से  आराम मिलता है।

अजवाइन पेट दर्द और  पेट के गैस से दिलाये राहत  (Thyme or ajwain : Home remedies for Stomach pain): अजवायन 2 ग्राम, सोठ 1 ग्राम दोनों को साथ में अच्छी तरह से  भून कर पीस ले और  गुनगुने पानी के साथ खाली पेट या नाश्ते के बाद लेने से । यह पाउडर पेट दर्द (Pet Dard) से राहत मिलता है  तथा भूख को बढ़ाता है। यह पाउडर दिन में दो बार सुबह और शाम को लेना अनिवार्य है।

हरड़ पेट दर्द के लिए रामबाण सहयोगी  (Harad benificial in Upset Stomach):- भिंगी हुई हरड़ , काला नमक 1 ग्राम, पिप्पली , अजवायन 1 ग्राम इन सभी को एक साथ अच्छी तरह   पीस ले तथा  गर्मपानी के साथ सुबह और शाम नाश्ते और रात के खाना खाने के बाद लेना चाहिए । इस पाउडर को लेने से ज्यादा गैस बनना और पेट दर्द  कम हो जाती है और पेट भी अच्छी तरह से सुबह  साफ हो जाता है।

पुदीना पेट दर्द में मददगार (Mint help to ease Stomach pain or upset stomach):- दो चम्मच पुदीना का रस ,.दो चम्मच शहद,.नींबू का रस,  ताजा पानी एक साथ मिलाकर पीने से पेट दर्द से आराम मिलता है।

सौंठ में लाभदायक (Dry ginger help to deal with Stomach pain):- -2 ग्राम सौंठ , 2 ग्राम काली मिर्च, 2 ग्राम हींग और  2 ग्राम  सेंधा नमक को  मिलाकर पेस्ट बना लें। सबसे पहले नाभि के चारों ओर गीले आटे की कटोरी जैसी बना ले फिर इस पेस्ट को हल्के गुनगुने पानी में डालकर नाभि में डाल दें।इससे पेट दर्द जल्दी ठीक होता है

अजवायन 1/2 छोटा चम्मच, हींग 1/4 चम्मच मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पिने से पेट दर्द, गैस, आदि में बहुत जल्दी आराम मिलता है।

लहसुन का रस पेट दर्द और गैस से दिलाये राहत  (Garlic : Home remedy for Stomach pain or Upset stomach in Hindi) :- 1 छोटा चम्मच लहसुन का रस सादा पानी एक साथ मिलाकर 1 हफ्ते तक रोज सुबह या शाम सेवन से गैस तथा पेट के दर्द (Pet dard) में बहुत जल्दी लाभ मिलता है।

Pet Dard ka gharelu ilaj

अदरक:- चाय में अदरक को काटकर  डालें। उसे अच्छे से उबलने दें और फिर दूध मिलाएं। इसके सेवन से दर्द में लाभदायक होता है ।

लोवेरा जूस :- गैस, कब्ज,  जैसे कारणों से होने वाले पेट दर्द में ऐलोवेरा जूस काफी लाभदायक होता है । आधा कप ऐलोवेरा जूस आपके पेट में जलन से लेकर पेट दर्द को दूर कर देता है पेट में तेज मरोड़ उठने की वजह होती है यह समस्या, क्या आपने भी महसूस किया है ज्वार-भाटा जैसा दर्द?

नींबू के रस का मिश्रण पेट दर्द में dilaye  rahat  (Lemon juice mixture : Home remedy for Stomach pain) :- नींबू रस, काली मिर्च और 1 ग्राम सोंठ चूर्ण और 1/2 गिलास गर्म पानी इन सभी को एक साथ मिलाकर सुबह खली पेट  2 दिन तक लेने  से पेट दर्द और उल्टी में आराम मिलता है।

आयुर्वेद के अनुसार
  • गैस की  के कारण पेट दर्द– गैस की वजह से पेट में ऐठन या हलकी दर्द उठने लगती है। यह दर्द कुछ समय के लिये ही रहता है।
  • खाली पेट रहने से पेट दर्द  होता है जिसके कारण पेट में सुई चुभौने जैसा दर्द होता है।
  • परिणाम शूल के कारण पेट दर्द – इसमें पेट दर्द खाना खाने के तुरन्त बाद होने लगता है। जिसके कारण उल्टी भी होने लगती है और पेट में बहुत तेज कील चुभोने जैसे दर्द (Upset Stomach) होता है।

पेट के बाई ओर, दाईं ओर और बीच में दर्द होना किस बीमारी का होता है संकेत- पेट दर्द (Upset stomach) तो सबको किसी न किसी कारण से होता है। लेकिन इन विशेष जगहों पर दर्द होना किस बीमारी का संकेत होता है चलिये इसके बारे में जानते हैं-

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दांयी ओर पेट में दर्द होना

अपेन्डीससाइटीस(Appendicitis)- अगर सीधे हाथ तरफ पेट में सूजन और दर्द है तो बीमारी आत्रपुच्छ (Appendicitis) हो सकती है।

पेट के बायी ओर दर्द होना :-

रीनल कैल्क्योलाई (Renal Calculi) –अगर बांयी ओर पेट में दर्द हो रहा है और यह दर्द  अक्सर होता रहता है तो सावधान  हो जाये क्योंकि यह दर्द किड़नी (गुर्दो) की परेशानी का कारण भी हो सकता है।

 पेट के बीचोबीच दर्द होना

डयू डेनल अल्सर (Dudenal Ulcer)/ पेपटिक अल्सर (Peptic Ulcer)-पेट के बीचो-बीच होने वाला दर्द पेट में अल्सर होने का इशारा करता है। इसके अलावा यह दर्द गैस या अम्लीयता के कारण हो सकता है। ऐसा महसूस होने पर तुरंत पेट दर्द का इलाज (Pet dard ka ilaj) कराएँ.

पेट के नीचे हिस्से के दर्द से अक्सर महिलायें परेशान रहती है क्योंकि यह दर्द महिलाओं को पीरियड (stomach pain in periods home remedies in hindi) के दौरान ज्यादा होते रहती है ।

पेट दर्द (Pet Dard) होना किसी अन्य बीमारी का लक्षण  हो सकता है संकेत-
  • इन्फैशन (Infection) या (bowel gastroenteritis)-पेट में अचानक से ज्यादा दर्द होने पर इन्फेक्शन (Infection) या (bowel gastroenteritis) हो सकता है।

 

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